इंतजार
इंतजार है अब मुझे
कोरा कागज ही सही
पर जवाब आए
बड़े दिनों से तुम्हारे लफ्जों में खुद को पढ़ा ही नहीं
वैसे तो हम तुम्हारा मन पढ़ लेते हैं और पढ़ लेते हैं खामोशी भी
फिर भी इंतजार है मुझे, हाँ इंतजार है मुझे, बड़ी बेसब्री से
तुम्हारे लिखे को पढ़ने का
तुम्हारे लिखे शब्दों मे या एक एक शब्द में खुद को ही तो ढूंढती आई हूँ
बार पढ़ती रही हूँ उन शब्दों को
दोहराते हुए
आज बेचैन हूँ खुद को उन शब्दों में जीवित होने के लिए
जो तुम मेरे लिए लिख दोगे
शायद मैं पुनःउसी ऊर्जा से भर जाऊँ
जो कहीं खो सी गयी है
गुम हो गयी है
जिसे ढूँढती रहती हूँ हरपल में निर्जीव सी होकर
अब तो इंतजार है बस उसी जीवन दान का
जो तुम मुझे दे दोगे !!
सीमा असीम
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