इंतजार
बहुत समय से मैंने सिर्फ तुम्हें प्यार किया
इंतजार नहीं किया
याद किया तुम्हें बहुत याद किया
इंतजार नहीं किया
इंतजार नहीं किया
पर अब मैंने
इंतजार करना शुरू कर दिया
पलकों के दरवाजे खोल दिये
तुम आओ औ ठहर जाओ
सदा के लिए हमेशा के लिए
तुम आओ औ ठहर जाओ
सदा के लिए हमेशा के लिए
और सुनो प्रिय मैं चाहती हूँ तुम कहो
कहते ही रहो
मैं सुनूँ और सुनती ही रहूँ
तुम्हें पता है, न...
मैं क्या सुनना चाहती हूं
जो तुम कह देते हो कभी कभार
अपनी रौ में बहते हुए
हाँ बस वही
हाँ बस वही !!
सीमा असीम
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आत्मिक प्यार कभी इंतजार नहीं करवाता और वह कभी इकतरफा भी नहीं होता, सच्चे प्यार के पहल जरूरी है - हमारी हार्दिक शुभकामनाएं।
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