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मोहे लगे प्यारे सभी रंग तुम्हारे कि पग पग लिए जाऊँ तेरी बलइयाँ .... तुम सुनो न , सुनते क्यों नहीं , क्या तुम्हें आवाज नहीं आ रही है , क्या तुम अब ऊंचा सुनने लगे हो शायद हाँ तभी तो तुम्हें न कोई आवाज आती है , न कोई अहसास होता है , हाँ तुम्हें कुछ भी महसूस नहीं होता है क्योंकि अगर तुम्हें महसूस हो रहा होता तो तुम न इतने दर्द देते , न ही दुख देते , क्योंकि जब हामरी आँखों में इतने आँसू भर दिये कि मुझे दिखना भी बंद हो गया , दुनिया से मोह ही खत्म हो गया कुछ भी अच्छा नहीं लगना , और खुद में ही खो जाना ,,, वैसे खुद में खोना या खुद को जीना ही ईश्वर का सबसे बड़ा वरदान है ,,,, सीमा असीम 23,2,20
 कुछ तो है तेरे मन में जो मुझे तेरी याद हर पल सताती है  कभी आंसू तो कभी मुस्कान तो कभी उदासी छा जाती है  रहे तू कहीं भी किसी के साथ पर मेरे साथ तो हर वक्त मेरे दिल में रहता ह  जैसे कोई परछाई सा संग संग फिरता है  क्यों इस कदर मुझे सताता है  तू खुद ही बता दे तेरा अब मुझसे क्या नाता है  तू क्यों पल भर को भी नहीं मुझे भुलाता है  जो हर पल तेरा ही नाम मेरे लफ्जों पर आता है  दिल में एक आग सी जलाता है  मानो तेरी मोहब्बत मुझमे पकती है और चटक चटक कर मेरे चेहरे पर किसी हीरे की तरह चमकती है गमकती है दमकती है    तू तो सब जानता है  जानकर भी अनजान बना रहता है  कुछ तो राज है जो तू हर पल मुझे याद आता है  कोई तो ऐसी बात है जो हर पल मुझे तेरी यादों की तरफ तेरी बातों की तरफ खिंचे लिए जाती है  किसी दिन तू आएगा जो खुद ही तो खिंचा चला आएगा और  मैं तुझे कह दूंगी नहीं चाहिए तू  जा अब तू अब तू क्यों आया है  सालों का इंतजार यूं ही मैं पल भर में ठुकरा दूंगी  जा तू अब मैं तुझे याद नहीं करूंगी लेकिन  तू ही बता क्...

प्रेम

कितना कठिन होता है न ,  ज़ब आप अपने प्रेम को  किसी और के साथ देखते हो..... सहन ही नहीं होता .... लगता है किसी ने प्राण ही खींच लिए हैं  उसके बाद भी  दिल उसे ही याद करता है  उसके लिए ही तड़पता है  दुआओं में उसे ही मांगता है  मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे  हर जगह एक ही दुआ  ऐसा क्यों होता है  जबकि हम जानते हैं कि  उसने हमें मार दिया है  ब्लॉक करना किसी को  मौत देने से कम नहीं होता  जीते जी मारना और  इसकी सजा कानून नहीं  ईश्वर की अदालत में मिलती है  तुम्हें भी मिलेगी  जानती है मेरी आत्मा  फिर क्यों मेरा मन  तुम्हें ही प्रेम करता है  तुम्हारी ही याद में पल पल जीता है  क्या है यह? क्या यही है सच्चा प्रेम .....💔 सीमा असीम 
 मुबारक हो मुबारक हो तुझे  मुझे हरा कर तू जीत गया  तेरी कामयाबी के लिए तुझे मुबारकबाद  जिसके कारण तुमने मुझे ब्लॉक किया  तूने मेरी आत्मा का खून किया  मुझे हजार हजार आंसू रुलाया  उसे तू आज अपने बगल में खड़ा करके बहुत खुश है  बहुत बहुत ज्यादा महान बन रहा होगा ना तू आज  लेकिन याद रख तेरे कर्म कभी तेरा पीछे नहीं छोडेंगे  तूने जो भी कर्म करे हैं उसका खामियाजा  मां वैष्णो देवी तुझे देंगी और जरूर देंगी  मैं तो आज बहुत खुश हूं कि  मुझे तुझ जैसे राक्षस से माँ ने दूर कर दिया  लेकिन अब तेरे कर्म तेरा कभी पीछा नहीं छोड़ेगे  तेरा अंत निश्चित है  याद रख तुझे कोई नहीं बचा सकता  मां वैष्णो देवीअब तेरा सीना फाड़ के ख़ून पियेंगी..
 नफरत से हम कभी भी प्रेम को नहीं जीत सकते  हमें प्रेम को जीतने के लिए प्रेम ही करना होता है और  जब हम प्रेम करने लगते हैं तो नफरत खुद ही  स्वतः ही खत्म हो जाती है  मिट जाती है और  हमारे जीवन में प्रेम को भर देती है  प्रेम एक ऐसा शब्द है जो फैलता है  खिलता है और कभी-कभी बिखरता भी है  लेकिन बिखर जाने के बाद उसे समेटना हमारे हाथ में  होता है  अगर हम समेट लेते हैं तो हम भी सिमट जाते हैं  अगर हम बिखर जाते हैं  प्रेम को त्याग कर नफरत को अपना लेते हैं तो समझो कुछ नहीं बचा है जीवन खत्म है  इसलिए प्रेम का दामन कभी मत छोड़ाना  बस प्रेम करते रहो जब  आप प्रेम को पकड़े रहोगे तो  प्रेम आपको कभी नहीं छोड़ेगा  कभी अकेला नहीं करेगा  कभी आपके मन में नफरत नहीं भरेगा  ना कभी आपको दर्द देगा  क्योंकि प्रेम शाश्वत है अनंत है ईश्वर है सीमा असीम  18,4,26
 तुमने वहीं किया जो तुम्हें अच्छा लगा  कभी मेरे बारे में सोचा तक नहीं  अगर सोचते समझते कभी मेरी नज़र से  तो तुम कभी ऐसा करते ही नहीं  क्या मिलेगा तुम्हें इन गिरी हरकतों से  मैं सभाल रही तुम्हें तुम गिरते चले गये  अपनी नजरों तक में गिर गये  मेरी नजरें तो तुम्हें पहले ही गिरा चुकी  मान लेते मेरी बात या मुझे समझ लेते  तो प्रिय तुम कभी गिरते ही नहीं  जो गिरा एक बार वो बार बार गिरता है  आखिर तुम भी ऐसे ही निकले  अब क्या कहूँ तुम्हें  अब बचा ही क्या कहने को  अब तुम संभल भी जाओ तो  मेरी नज़र में कभी उठोगे नहीं... सीमा 
मात्र एक शब्द भर नहीं है संघर्ष   बल्कि एक ऐसा शब्द है या फिर  जिंदगी का  जीवन का  वह सच है जो हमें मजबूत बनाता है  जिंदगी जीना सिखाता है  संघर्ष के बिना जिंदगी जिंदगी नहीं होती  जब हमारे रास्ते बहुत आसान होते हैं  तो हम बडी आसानी से चलते रहते हैं  कुछ परेशानी नहीं होती  जब वह रास्ते संघर्ष भरे होते हैं  कठिनाइयों भरे होते हैं तो  हम खुद को पहचान पाते हैं  हम इस कठिन रास्ते पर कैसे चल पाएंगे  कैसे आगे बढ़ पाएंगे  यह  संघर्ष ही हमें सिखाते हैं  खामोशी से अपना काम करते रहना  खामोशी से अपने आप को मजबूत बनाते रहना  भले ही हम भीतर से टूट जाए   खुद को कभी बिखरने न देना  हालात चाहे जैसे भी हो  अपने चाहे कितने भी रूठे हो  खुद हर बार संभल जाना है  खुद को खुद ही संभाल लेना है  कि संघर्ष ही हमारा गुरु होता है   हमें बिना बोले सब कुछ सीखता चला जाता है  जो जिंदगी में संघर्ष करना सीख जाता है  वह कभी हार नहीं मानता है या वह हार कर भी जीत जाता है... ...
 धरा पर रहना है तो घर धरा पर रहना है तो फूलों धरा पर रहना सीख लो पेड़ों पौधों को बचाए रखो पेड़ों पौधों को बचाए रखो फूलों पत्तों से जीना सीख लो नहीं सीख सकते हो तो जीवन व्यर्थ है इसलिए धरती पर रहना व्यर्थ है तुम तो शायद किसी और दुनिया के बने हो कि तुम्हें फूलों पत्तों से पेड़ों पौधों से भी प्यार प्यार नहीं की यही तो है जीवन के वह मंत्र जैसे जीवन बन जाता है खुशियों का तंत्र नमस्कार  बुद्ध तो बहुत सरल है बुद्ध तो बहुत सरल है कि वह त्याग कर चले गए अपना घर बार पति-पत्नी बच्चे और साथ पाठ पर सोचा है कभी यशोधरा के जीवन को पर सोचा है कभी यशोदा के जीवन को की कितने कासन से उसने निकले होंगे जीवन के दिन एवं अवस्था में पति वियोग क्या होता है वह यशोधरा से सीखो कैसे पाला होगा अपने बच्चों को कैसे संभाला होगा राजपथ को कभी सोचा है कि यशोधर ने कैसे गुजरे होंगे दिन अपने यमुनावस्था के गुजार ली होगी बच्चों को भी जैसे तैसे पाल पोस लिया होगा राज पाठ भी जैसे-जैसे संभाल लिया होगा पर पति का सुख क्या होता है वह कभी भूल पाई होगी पर पति का सुख क्या होता है वह कभी भूल पाई होगी यशोधरा का कठिन जीवन कितनी मुश्क...