कॉफी पीने के साथ-साथ लैपटॉप भी खोल लेता है और ऑफिस का काम शुरू कर देता है जब ऑफिस के लिए निकलना होता है तो थोड़ा पहले नहीं उठाता है तैयार होता है कॉफी पीकर चला जाता है कभी नाश्ता नहीं करता उसे लगता है कि अगर वह ननाश्ता करेगा तो मामा को परेशान होगी क्योंकि उन्हें तो बहाना मिल जाए बस किचन में जाने का खाना बनाने का फिर बनाएंगे अच्छे तरीके से भरवा पराठे कभी आलू के गोभी के पनीर के उन्हें लगता है कि नाश्ते में पराठे ही खाने चाहिए इसीलिए वह घर में नाश्ता नहीं करता और ऑफिस पहुंचकर दूध कॉर्नफ्लेक्स खा लेता है वही उसका नाश्ता हो जाता है बाकी और नाश्ते में काफी चीज होती है अंडा ब्रेड इडली सांबर चटनी आधी आधी लेकिन वह सिर्फ कौन ब्लैक और मिल्क ही लेता है या कभी का बाय मोस्टली उससे उसका पेट भर जाता है 2:00 बजे थोड़ी सी दाल चावल दिन में काफी कई बार हो जाती है कॉफी पीना उसे पसंद है या फिर आदत हो गई है उसके बिना काम ही नहीं हो पता हर राधे हर दो-तीन घंटे में उसे एक कप कॉफी चाहिए हालांकि हफ्ते में एक या दो दिन ही वह ऑफिस जाता है बाकी दिन घर से ही काम करता है तब वह नाश्ते में जब बेड आ जाती है तो उसे अपने लिए कुछ हल्का-फुल्का बनवा लेता है 2 घंटे बाद रिशु भी आ जाता है उसकी देखभाल में मीट और मन दोनों लग जाते हैं तब तक मां का कर अपना सारा काम में पड़ जाता है पूजा पाठ भी हो जाता है और मैं नाश्ता करके फ्री हो जाती है इतनी उम्र हो गई है लेकिन नाश्ता बना दो कर ही करती है पूजा करने के बाद चाहे कुछ भी कहो कितना भी समझो लेकिन वह कहां मानने वाले 12:00 बजे से पहले कभी उनका नाश्ता नहीं होता लेकिन दूसरों को खिलाने के लिए उन्हें सुबह 6:00 बजे से मन करने लगता है
प्रेम
जहाँ प्रेम है वहाँ सुख है ख़ुशी है जहाँ सुख है ख़ुशी है वहाँ है प्रेम प्रेम क्षणभंगूर नहीं अनंत काल की यात्रा है एक जीवन में कहाँ पूरा होता है प्रेम न जाने कैसे कर लेते हैं लोग छोटे से जीवन में किसी से घृणा प्रेम नफ़रत और जरा देर में बदल लेते हैं अपनी भावनाओं को वो कब समझेंगे क्या होता है प्रेम न कहने से न सुनने से अहसासों की भाषा है यह आत्मा से आत्मा का मिलना है प्रेम फूल इंद्रधनुष बारिश ओस देख मुस्कुरा देता है मन भोला भोला मासूमियत से भरा होता है प्रेम प्रेम करते हैं सभी जीवन में एक बार जरूर जो निभा ले सच्चे मन से वहां ईश्वर बन जाता है प्रेम!! सीमा असीम
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