चाँद

आती रही याद जिसकी सुबह से शाम तक 
अरे वो तो चाँद है 
जो छुप जाता है 
सूर्य के उगते ही |||
सीमा असीम सक्सेना 

Comments

Popular posts from this blog

मुस्कुराना

याद