चेहरे की सच्ची मुस्कान हैं आँसू


आँसू बहुत पवित्र होते हैं
संबल होते हैं जीवन का  
जब हम हर तरफ से हार जाते हैं 
तो हमारा सबसे मजबूत सहारा होते हैं आँसू 
बहुत बातें करते हैं 
बिन कहे ही कह जाते हैं न जाने कितना
धोकर साफ कर देते हैं बड़े स्नेह से जख्मों को 
चेहरे  पर  मुस्कान खिला देते हैं आँसू 
सच का प्रतीक होते हैं 
स्वच्छ, निर्मल 
श्रद्धा से भर आते हैं
जब हम कर रहे होते हैं पूजा (इबादत )
सच्चे दिल का प्रतीक होते हैं आँसू 
कभी कभी बहुत रोते हैं ये आँसू  
मन का भी संबल बन नहीं पाते हैं तब आँसू 
आखों के उद्गार हैं ये और अन्तर्मन की अनुभूतियों को
कैसे बेबाकी से बह कर वयाँ कर देते हैं आँसू 
दावानल से जलते हैं और साँसों की गर्मी से पिघलते हैं 
बहुत अनमोल हैं फिर भी आँखों की कोरों पर से बहकर गालों को भिगो जाते हैं आँसू 
.बहुत प्रिय हैं मुझे 
मेरा सहारा हैं और मेरे मन की बात हैं आँसू ...!
सीमा असीम

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