वीणा के तार सा तुम मधुर अहसास हो
जो भी हो जैसे भी हो मेरे लिए खास हो
सीप में समा जाता है जैसे कोई मोती
समाये हो यूं दिल में, हाँ आसपास हो
कडक धूप में हो शीतल हवा का झोंका
धड़कती धड़कनों का सुखद साज हो
तुम हो तो हैं जिंदगी की सारी खुशियाँ
खुशी हो या गम बस तुम ही आस हो
तुम खास हो हाँ प्रिय तुम ही खास हो !!!!
असीम
जो भी हो जैसे भी हो मेरे लिए खास हो
सीप में समा जाता है जैसे कोई मोती
समाये हो यूं दिल में, हाँ आसपास हो
कडक धूप में हो शीतल हवा का झोंका
धड़कती धड़कनों का सुखद साज हो
तुम हो तो हैं जिंदगी की सारी खुशियाँ
खुशी हो या गम बस तुम ही आस हो
तुम खास हो हाँ प्रिय तुम ही खास हो !!!!
असीम

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