यात्रा

इस कोरोनावायरस 6 महीने तक लगातार कोई घर में बंद रहेगा तो तो उसका दम तो करना ही है उस सांस लेने को मजबूर हो जाएगा आखिर क्या करें लिखना पढ़ना और दिमाग खफा है रहना कितना ज्यादा डिप्रेशन हो गया आखिर घर से बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है ना एक लिखने वाले के लिए लेकिन घर से कोई जाने वाला नहीं था और और मुझे बाहर कहीं घूमने जाना था घर में किसी के पास समय नहीं नहीं और किसी का मन भी नहीं सब अपने लैपटॉप लेकर घर के काम ऑफिस के काम में लगे हुए आंखें मैंने एक युक्ति निकालेंगे देखा फेसबुक पर एक सज्जन जो मेरे जाने वाले थे पहले से और वरिष्ठ साहित्यकार भी उन्होंने फेसबुक पर डाला कि घूमने जाना है कोई साथ चलना चाहे तो चले मैं अंधा क्या चाहे दो आंखें बस उसने फौरन वहां पर कमेंट में लिख दिया मुझे चलना है मुझे ले जा सकते हो तो ले चलो उनका देख लो अगर तुम्हारे साथ जाने के लिए कोई और महिला तैयार है तो ठीक है चलो हम तीन लोग हो जाएंगे और साथ साथ घूम कर आ जाएंगे मुझे भी अच्छा लगा उनका यह जवाब और मैंने एक लड़की और तलाशी ली और हम तीन लोग मिलकर घर से जाने के लिए तैयार हो गए आप जाएं कहां क्योंकि घर से बाहर निकलना एक बहुत बड़ा रिस्क है के साथ में सारी चीजों के साथ में देखभाल के निकलने का था तो निश्चय किया कि हमें हिमाचल प्रदेश जाना चाहिए वहां पर कोरोनावायरस लोग बहुत कम है वहां आंकड़ों में भी लोग कम है इसलिए वहां सबसे सुरक्षित जगह ठीक है सोचकर हिमाचल प्रदेश के एक गांव में जाने का मैं हम लोगों ने निर्णय लिया एक तो गांव में जाकर रहने से वहां की आबोहवा अच्छी मिलेगी दूसरे वहां पर कराना बिल्कुल भी नहीं होगा तीसरे वहां पर खाना भी ताजा अशुद्ध खाने को मिलेगा तुझे शहर की आबोहवा से परेशान हो चुके थे उसे तुरंत मिली थी तो यह सोचकर हम लोग निकलने के लिए तैयार हो गए सब अपना टेस्ट वेस्ट करा कर और सारी सोने तो जैसे कि प्रकार चलने का दिल्ली पहुंच गए तय हुआ था ऐसे ऐसे जाएंगे

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