अपना सा
जब उससे बार-बार बात करने को जी चाहे
जब वह बात करे तो हमें गुस्सा आ जाए
जब बात ना करें तो मेरा दिल घबराए
कैसे अनजान से रिश्ते में मन बंधा बंधा जाए
दूर कोई चमकता सितारा आपके मन में समा जाये
कभी मुस्कुराने को जी चाहे, कभी मिलने को
अंजाना कोई, अपना सा लगने लग जाए
सच में कुछ समझ में ना आए कभी समझ में ना आए....
सीमा असीम
15 10 20
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