तू ओढ़ ले धानी चूनर मैं तुझसे मिलने आता हूँ
रंग वासंती फहराने को मैं वसंत बनकर आता हूँ
धरती होगी पीली पीली औ अम्बर भी मुस्काएगा
चाँद सितारे क्या लाने मैं आसमान ले आता हूँ !!
@ सीमा असीम

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