मत दुखाओ तुम दिल मेरा,
तड़पता है बहुत दिल मेरा !!
कैसे खेल खेलते हैं आज लोग इश्क का
पासा वही होता गोटी बदल बदल कर
तुम हो जैसे भी हो तो सिर्फ मेरे ही
दर्द दे रहे हो रंग बदल बदल कर
तड़पता है बहुत दिल मेरा !!
कैसे खेल खेलते हैं आज लोग इश्क का
पासा वही होता गोटी बदल बदल कर
तुम हो जैसे भी हो तो सिर्फ मेरे ही
दर्द दे रहे हो रंग बदल बदल कर
सवालों का जवाब न आना जवाब ही है
अहसास उमड़ता है आँखों से सैलाव बन कर !!
आँखों मे नमी रखना गुजारिश है मेरी
शरमा के नजर न झुके कहीं रुककर
रहूँगी मैं ऐसी ही ठुकरा के दौलत
रोती रहूँगी भले ही याद कर कर !!
@सीमा असीम
@सीमा असीम
Comments
Post a Comment