दोस्ती मतलब भरोसा
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किसी पर भरोसा करना और उसके दर्द को समझना, यह दो शब्द ही हमारी दोस्ती को मजबूत बनाते हैं, नींव प्रदान करते हैं ! दोस्ती की दुनियाँ बेहद ख़ूबसूरत दुनिया होती है और यह सिर्फ विश्वास पर ही टिकी होती है ! दोस्ती को किसी भी तरह से शब्दों मे पिरोना आसान नहीं है ! घर
परिवार से दूर एक रिश्ता ऐसा होता है जिस पर हमे खुद से भी ज्यादा यकीन हो जाता है ! हम उससे अपने मन की हर बात कर सकते हैं ! कभी कभी तो ऐसा भी होता है कि हम उससे बिना कहे भी सब कह जाते हैं ! एक समय आता है जब वो हमारे मन की हर बात बिना कहे समझने लगता है और हम उसके मन की !
दिल मे हमेशा यह विश्वास बना रहता है कि अगर हम कभी मुसीबत में फँसे तो वो आगे बढ़कर हमें दुनिया की हर मुसीबत और तकलीफ से बाहर निकाल लेगा ! बस यही भरोसा हमारी दोस्ती को और भी मजबूत बनाता है ! हमें इस बात का अहसास होता है कि दुनियाँ भले ही हमारे खिलाफ हो जाये लेकिन हमारा दोस्त हमारा कभी भी और किसी भी हाल में हमारा साथ नहीं छोड़ेगा !

यह बेहद प्यारा रिश्ता है, इसे सच्चे मन से और सच्चाई के साथ निभाना चाहिए ........

ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना
....

न दोस्ती से बढ़कर कुछ होता है न उससे ज्यादा कुछ होता है बस बात तो समझने की है और उसे महसूस करने की है ...........


तेरे जैसा यार कहां
कहां ऐसा याराना
याद करेगी दुनिया
तेरा मेरा अफ़्साना

मेरी ज़िंदगी सवारी
मुझको गले लगाके
बैठा दिया फ़लक पे
मुझे ख़ाक से उठाके

यारा तेरी यारी को
मैंने तो खुदा माना
याद करेगी दुनिया
तेरा मेरा अफ़्साना

@सीमा असीम

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