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युग आते हैं और युग जायें
छोटी छोटी यादों के पल नहीं जायें
झूठ से काली लागे लागे काली रतियाँ
रूठी हुई अँखियों ने लाख मनाई रैना
बीती ना बिताई रैना, बिरहा की जाई रैना
भीगी हुई अँखियों ने लाख बुझाई रैना
बीती ना बिताई रैना, बिरहा की जाई रैना
बीती ना बिताई रैना
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