रिया तू मुस्करा 

काफी समय से लगातार नैना,रिया को देख रही थी इस हालत में लेकिन वो उससे पूछ नहीं पा रही थी ! हर समय उदास चेहरा और लाल आँखें,पर आज उससे रहा ही नहीं गया और उसने पूछ ही लिया !
क्या बात है रिया तेरी आँखें इतनी लाल कैसे हैं ? क्या सोई नहीं रात को ?
रिया ने कोई जवाब नहीं दिया बस उसकी आँखों से पानी बहने लगा !
अरे रो क्यों रही है ?
नहीं नहीं मैं रो नहीं रही हूँ ! आँख मे कुछ चला गया था !
चल ठीक है तू नहीं बताना चाहती तो मत बता ! कह कर नैना अपनी सीट पर जाकर बैठ गयी !
वो कैसे बताए कि उसे प्रेम हुआ है और बस प्रेम ने उसकी यह हालत बना दी है !
कितने दिनों से उसने आदि से कोई बात नहीं की थी ! हमेशा सिर्फ वही तो मेसेज करती है फोन करती है लेकिन आदि के पास उससे बात करने का भी समय नहीं होता ! 
आज उसने आदि को फोन किया, बहुत ही अच्छा लग रहा था ! मन कर रहा था कि यह बातें कभी खत्म ही न हो ! वो आज बहुत दिनों के बाद खुलकर हंसी और खूब हंसी ! बात करते करते आदि ने फोन काट दिया और उसकी बात अधूरी ही रह गयी, कितनी जरूरी बात थी जो उसे आदि से करनी थी ! रिया की आँखों से आँसू उबल पड़े वो जितना उन्हें रोकने की कोशिश करती वे उतनी ही तेजी से और बहते जाते ! उसे आज सच में बहुत ज्यादा दुख हुआ था ! उसे तो आदि से कुछ भी नहीं चाहिए फिर वो उसके साथ ऐसा व्यवहार क्यों करता है ? न उसने खाना खाया और न ही रात भर सोई पूरी रात आँखों से आँसू अपने आप ही बहते जा रहे थे ! सुबह ऑफिस जाना था तो आ गयी शायद थोड़ा मन बहल जाये यह सोच कर लेकिन नैना ने उसकी दुखती रग पर हाथ रख दिया ! खैर कोई बात नहीं उसे आदि पर पूरा विश्वास है और उससे भी ज्यादा खुद पर ! चाहें कितनी भी तकलीफ परेशानी आए वो कभी भी आदि को नहीं बोलेगी ! प्रेम मे कभी कुछ कहने की जरूरत ही कहाँ होती है अपने आप ही प्रिय के मन की बात को समझ आ जाती है ! उसे तो आदि के मन की हर बात पता चल जाती है तो आदि को भी उसके मन की बात जरूर समझ आती होगी !
क्योंकि अगर हमे किसी से प्रेम हो जाये तो हमें उसको हर हाल में निभाना भी होता है, वो गलत है सही है इस बात से हमें क्या मतलब ! हम सही हैं तो बस इतना ही काफी है देर सवेर उसे समझ आ ही जाता है क्योंकि किसी के जज़्बातों के साथ खेलना बहुत ही आसान है लेकिन सच्चाई से उसके मन के साथ रहना बहुत ही कठिन है !
एक समझता रहे और एक निभाता रहे तो प्रेम कभी कमजोर नहीं पड सकता वैसे भी प्रेम तो हमें निर्भीक और निडर बनाता है लेकिन कभी कभी हम अपने की खुशी के लिए कमजोर पड़ जाते हैं बस यही स्थिति हमे असहज कर देती है, तब हमें सिर्फ आँसू बहाने के अलावा कोई और रास्ता समझ ही नहीं आता  !
 क्रमशः 

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