गतांक से आगे 
सजना है मुझे सजना के लिए हर अंग का रंग निखार लूँ 
अपनी उलझी लटें संबार लूँ कि सजना है मुझे सजना के लिए !!
 सुनो प्रिय, 
               आज जी चाहता है कि खुद को ही प्रेम कर लूँ ,,,खुद को आइने में निहारते हुए यही ख्याल मन में आया था क्योंकि आईने को देखते समय मैं खुद को नहीं तुम्हें देखने लगती हूँ और मेरा प्रेम तुम्हें देखकर मुस्करा पड़ता है ...मैं तुम्हें अपनी पलकों में बंद करके तुम्हारी बालाएँ लेने लगती हूँ कि कहीं नजर न लग जाये ...मेरे प्रिय आज नव वर्ष के पहले दिन सूर्योदय होते ही ढेरों खुशियों की किरने बिखर जाएँ ......आँखों में भरे सतरंगी सपनों में रंग भरते हुए उनमें खुशियों के पंख लग जाएँ .... भोर की पहली लाली मन की पवित्रता को और कुछ ज्यादा पवन कर दे मिटा दे मन के सारे मैल और ले आए मेरे प्रिय का प्रेम संदेश जो पल पल दिल कहता रहता है दिल से ......सुनो मेरे प्रिय कुछ कहने की जरूरत ही कहाँ होती है जब दिल, हर पल में दिल से बातें करता रहता है कितना कुछ कहता है कभी मुस्कराता ,,कभी शरमाता और कभी पलकों को अशकों से भिगोए रखता है .......सुनो प्रिय जी चाहता है हमारे प्रेम को दुनियां की सारी खुशियां सारे सुख दामन में भरने को देव स्वयं ऋचायेँ रच दें ...आसमान अपनी दिव्य दुआओं से अमृत कलश बरसा कर अजर अमर कर दे ....हर दिन उत्सव और रात जगमगाती रोशनी से भर दें दूर कर दे अंधेरा और राह में महकते फूलों की बौछार कर दे ..... पूरे हो जाएँ मन के सारे अरमान ......इच्छाओं को नए पंख देकर उत्साह से लबरेज कर दे .....न रहे कोई निराशा आशा की ऐसी जोत प्रज्वलित कर दे .........मेरे जीवन के सच्चे सहचर , मेरे प्रिय , मेरे साथी , जीवन पर्व में साथ निभाने वाले ....पल पल मन में खुशियों के रंग भरने वाले मेरे प्रीतम हमारा हाथ यूं ही तुम्हारे हाथों में बना रहे रखा रहे तुम्हारे कंधे पर सर और दिल से दिल यूं मिले रहे ...गले मे डालकर गलबहियाँ हर राह पर संग चलते रहें सुख दुख में साथ निभाते हुए यह वरदान ,,यह दिव्य वरदान ईश्वर हमारे सर पर हाथ रखकर दे दे ....गर्व से उन्न्त रहे मस्तक , सुखों का असीम संसार दे दे .....नव वर्ष के पहले दिन प्रातःकाल की मुहूर्त वेला में उमंगों से भरा मन मोरपंखी रंगों में रंग जाये ,,,,,,मन की सच्ची भावना से किया गया हर कार्य सफलता से पूरा हो जाये .....
सुनो प्रिय जब हम सच्चे होते हैं न तो ईश्वर हमेशा हमारा साथ निभाता है ,,,मन की सच्चाई हमें किसी भी राह पर चलने से रोक नहीं पाती .....
हकीकत है मेरी बस सच्ची मोहब्बत तुमसे 
अरमान भरे दिल की इबादत हो सिर्फ तुम 
हर दुआ करती हूँ रब से बस तुम्हारे लिए ही 
रंग खुशियों के भरने वाले साजन हो सिर्फ तुम !!
क्रमशः 
सीमा असीम

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