गतांक से आगे 
ऐसी बाजी़ प्रेमकी, जो मैं खेली पी के संग,
जीत गयी तो पिया मोरे, जो मैं हारी पी के संग 

सुनो प्रिय,
              यह कैसा खेल है जो मेरी समझ से एकदम परे है समझ ही नहीं आता कुछ भी ,,,क्या तुम जानते हो कितना उदास होता है मन, कितना दुखी होता है , आँखों में भर कर आँसू रब से बस एक फरियाद करता है कि वे खुश रहें ,,,,जब कभी भी मेरा दिल उदास होता है और आँखों से आँसू बहते हैं तो न जाने कैसी आशंका सी मन में आ जाती है कि कहीं वे परेशान तो नहीं ,,,किसी बात से दुखी तो नहीं ,,,
ऐसे भूल जाती हूँ अपने सारे दर्द कि कहीं तुम्हें अहसास न हो जाये ,,, कैसे घूंट घूंट पी जाती हूँ जहर सा ,,,,गटक लेती हूँ बिना मौत कि परवाह किए ,,,,कि न हो कोई तकलीफ तुम्हें ,,,,कैसे यूं ही मुस्करा देती हूँ मैं रोते रोते ,,,,,कि बिखरी रहे तुम्हारे लबों पर मुस्कान ,,,
फिर मैं सोचने पर मजबूर हो जाती हूँ कि क्या तुम्हें मेरी किसी भी तकलीफ का जरा भी अहसास नहीं होता ?  जबकि मेरा पल पल सिर्फ तुम्हारा है ...हाँ प्रिय तुम हमेशा और हर पल में मेरे ख्यालों में रहते हो,  एक पल को भी दूर नहीं फिर कैसे तुम्हें मेरी घुटन का पता नहीं चलता ,,,कैसे तुम मुझे अपना एक पल भी नहीं दे पाते ? कैसे तुम चैन की नींद सो जाते हो ?  आ कैसे जाती है तुम्हें सुख की नींद ? कैसे तुम्हें मेरा ख्याल नहीं आता ? कैसे तुम इतने स्वार्थी बन जाते हो ? कैसे तुम अपनी खुशी में खुश रह लेते हो ?
जलता रहता है जी मेरा पिघलती रहती हूँ मैं पूरी रात ...तुम्हारे दिये दर्द से निजात पाने का कोई भी तरीका ही नहीं है ...हाँ प्रिय कोई भी तरीका नहीं ,,,, होंठ सिल लेती हूँ चुप हो जाती हूँ खामोशी से भरकर अपने नर्म होंठों पर ताला लगा लेती हूँ, प्रिय सिर्फ तुम्हारी खुशी के लिए और तुम इतने बेखबर ,,,कि कोई परवाह ही नहीं ?/ कैसे बताऊँ?  कैसे कहूँ ?किससे कहूँ जब कुछ वश में ही नहीं,, कितना बेवश कर दिया है तुमने मुझे ? मेरे प्रिय ऐसा क्यों कर रहे हो ? क्या तुम नहीं समझते किस तरह समझाती हूँ अपना मन लेकिन नहीं मानता बिलकुल भी नहीं ? किस तरह से करवटें बदलते हुए ...सलवटों को गिनते हुए कब और कैसे रात ढलती है ?? प्रिय मैंने तो प्रेम किया और वफा निभा रही हूँ पूरी वफा के साथ और यूं ही निभाती रहूँगी ,,,
सुनो मेरे प्रिय, सुनो न मेरे जी की हर बात मेरे बिना कहे और बताए ही ॥सुन लो  हाँ अब सुन लो प्रिय >.........क्रमशः 

सीमा असीम

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