गतांक से आगे
चाहती हूँ मैं लिख दूँ आज गीत खुशी के
पर ये दर्द कहाँ से लिख जाता है !!
सुनो प्रिय ,
आज मेरा जी चाहता है मैं लिखती रहूँ तुम्हें प्यार ,खुशी ,करती रहूँ सजदा , दुआ. इबादत , कोई सुंदर सा गीत लिखकर गुन गुनाऊँ,रखकर सर अपनी गोद में और तुम्हारा माथा सहला दूँ ...तुम सुखद नींद में सो जाओ और मैं तुम्हारा मुंह निहारती रहूँ ,,,इसी तरह गुजर जाये पूरी रात ,,तुम ख्वाबों में मुस्कराओ और मैं तुम्हारा मुंह चूम लूँ ,हाँ बहुत दिन हुए प्रिय दर्द लिखते हुए आज मैं खुशी से झूम कर प्रेम के मिलन गीत लिखना चाहती हूँ लेकिन इन अश्कों का क्या करूँ जो हर वक्त छलकने को उतावले से रहते हैं ,,,न जाने यह कैसा प्रेम है जो जज़्बात भरे दिल को दर्द के सागर में डुबो देना चाहता है,,, प्रिय अब मुझे उबार लो, ले चलो मेरा हाथ पकड़ कर प्रेम की खुशी भरी पगडंडी पर, जहां मैं जी भर कर हँसूँ, मुस्कराऊँ ,,,क्योंकि अब दर्द और आँसू भी थक गए हैं वे अब सुस्ताना चाहते हैं,,वे भी चाहते हैं कि तुम्हारे कंधे पर मेरा सर हो और हाथों में हाथ,,, मैं गाउँ गीत खुशी के और तुम सुनो ,,
मेरे प्रिय प्रियतम, मैं अब अपनी आँखों में काजल लगाकर आइने के सामने बैठने लगी हूँ,,,अपने उलझे बालों को फिर से सजाने सवारने लगी हूँ सुनो प्रिय, अब और कुछ अच्छा ही नहीं लगता ,,किसी से बात करने का मन ही नहीं करता ,सिर्फ तुम और तुम्हारी बातें , तुम और तुम्हारी यादे ,,,ख्वाब सजाना और उनमें हकीकत के रंग भरना इतना मुश्किल भी तो नहीं है ,,,बहुत सताता है मुझे मेरा दिल ,,,,क्या तुम्हें मेरी याद नहीं आती है प्रिय ,,क्या तुम्हारा दिल नहीं मचलता है ? नहीं तरसता तुम्हारा मन ?? क्या तुम एक बार भी मुझे गले लगाने को उतावले नहीं होते हो ??
आओ प्रिय, अपने दिल की आवाज को एक स्वर दे दे ,,,प्रेम के सुरो की खूबसूरत एक सरगम बनाए ,,लय, ताल और सुमधुर संगीत से सजाकर मिलन का खूबसूरत गीत लिखकर बिछोह और विरह को मिटा दें कि दिल अब हँसना , मुसकराना और गुनगुनाना चाहता है ...मैं अपने उन आंसुओं को भी कुछ पल आराम देना चाहती हूँ जिनने मेरा साथ हरपल में निभाया है ॥
प्रिय अपने पवित्र प्रेम से आओ इस दुनियाँ की नफरत को मिटाने का एक प्रयास करें ,,,
घोल दे प्रेम के खुशनुमा रंग और अमर कर दे प्रेम और उसकी रवायतें ....धडक उठे हमारे दिल और उनकी धड़कने साथ साथ ....बढ़ जाये चमक उस दिये की, जो मेरे दिल में जल रहा है ,,बिखर जाये रोशनी और रोशन कर दे तुम्हारे तेज को ,,,,
हम एक-दूजे को चाहें,
दुनिया को क्या समझाना
दो दिल जहां मिले,
बैरी बना सदा ज़माना !!
क्रमशः
सीमा असीम

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