दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
धक धक बोले इत उत डोले बिन रैना
ये पगला है समझा ने से समझे ना
दर्द-ए-जुदाई क्या होता है तुम जानो मैं जानूं
दर्द-ए-जुदाई क्या होता है तुम जानो मैं जानूं
प्यार बुलाये दुनिया रोके किसका कहना मानूं
तुमसे मिले बिन दिल को कुछ भी सुझे ना
ये पगला है समझा ने से समझे ना -
बन के लहू नस नस में मुहब्बत दौड़े और पुकारे
बन के लहू नस नस में मुहब्बत दौड़े और पुकारे
प्यार में सब कुछ हार दिया पर हिम्मत कैसे हारे
कह दो दुनिया दिल का रस्ता रोके ना
ये पगला है समझा ने से समझे ना
दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
चांद को देखना एक तक देखते जाना घटते बढ़ते और 16 कलाओं से परिपूर्ण होते जाना कितना सरल है ना चांद को देखना चांद की पवित्र चांदी में नहाई धरती पर अपनी परछाई को पकड़ने की कोशिश करना छोटी बड़ी आड़ी तिरछी लंबी नाटी परछाई को पकड़ कर अपने गले से लगाने की कोशिश करना सरल है ना परछाई को नापना इतना ही सरल तो है बस तुम्हें पढ़ना और सिलसिलेवार लिखते चले जाना चाँद का आसमां में मुस्कुराना सीमा असीम 23,2,21
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