ना याद रहा कहाँ रखा काजल,

ना याद रहा किससे क्या बोला,

रसोई में नमक की जगह चीनी डाल दी,

और हँस कर खुद से ही बोली - ये क्या कर दिया!


आईना देखूं तो तू दिखे,

ख्वाब देखूं तो तू दिखे,

लोग कहते हैं खोई-खोई रहती हूँ,

मैं कहती हूँ - हाँ, तुम्हीं में तो खोई रहती हूँ।


जबसे इश्क हुआ तुमसे,

मैं मैं न रही, बस तेरी हो गयी।

सीमा असीम 

14,8,26

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