ना याद रहा कहाँ रखा काजल,
ना याद रहा किससे क्या बोला,
रसोई में नमक की जगह चीनी डाल दी,
और हँस कर खुद से ही बोली - ये क्या कर दिया!
आईना देखूं तो तू दिखे,
ख्वाब देखूं तो तू दिखे,
लोग कहते हैं खोई-खोई रहती हूँ,
मैं कहती हूँ - हाँ, तुम्हीं में तो खोई रहती हूँ।
जबसे इश्क हुआ तुमसे,
मैं मैं न रही, बस तेरी हो गयी।
सीमा असीम
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