वो पल जब हाथ हो तेरा मेरे हाथों में,
तो लगे जैसे जहाँ थम गया हो साँसों में।
न कोई गम, न कोई फिक्र बाकी रहे,
बस तू और मैं, और ये लम्हा बाकी रहे।
तेरी उँगलियों की गर्मी से दिल धड़कता है,
तेरे छूने भर से हर ख्वाब महकता है।
बस यही दुआ है उस एक पल के लिए,
कि उम्र बीत जाए तेरा हाथ मेरे हाथों में लिए।
सीमा असीम
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