बारिश

 आज मौसम की पहली बारिश हुई

 तेज हवाएं चली और बदल ले आई 

 कल घने पानी भरे हुए बादल

 चले आए लहराते हुए 

 मचलते इतराते और इठलाते हुए 

 बरस गए झूम कर 

 और भिगो गए मेरा मन 

 तब याद आए तुम 

 बहुत याद आए 

 क्या तुम बारिश बन कर चले आए 

 मुझे भिगोने के लिए

 आंगन को गीला करने के लिए

 हां तुम ही तो थे जो बारिश बनकर आए 

 और छूकर बरस कर दुखी मन को सुख में बदल गए

 मौसम की बारिश और तुम याद आए 

सीमा असीम 

24,4,24

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