सुरमई शाम में तुम याद बनकर चले आते हो

 जब रात होती है तो ख्वाब में चले आते हो

 रोशन है मेरा तन मन तुम्हारे प्रेम की खातिर 

 सुबह आती है तो किरण बनकर चले आते हो 

 यूं ही सदा आते हो तुम जाते तो हो नहीं कभी 

 फिर क्यों मैं तुम्हें कहती हूं तुम बिरहा दे जाते हो..

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