यादों में हो मेरे सनम तुम ही तुम,
ख्यालों में हो, ख्वाबों में हो तुम ही तुम।
सुबह देखूँ तो तेरी ही रौशनी है,
शाम ढले तो तेरी ही कमी है।
हवा चले तो तेरी खुशबू लाए,
दिल धड़के तो तेरा ही नाम दोहराए।
और क्या माँगू मैं इस खुदा से सनम,
जब मेरी हर दुआ में हो तुम ही तुम।
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