बेवफा प्रेम


तुमने कहा था साथ निभाओगे,

राह कोई भी हो, चल जाओगे।

हमने तुम्हारे लफ्ज़ों को खुदा माना,

और तुमने उसी खुदा को भुला दिया।


वादा था चाँद-तारों जैसा,

निभाना था उम्र भर वैसा।

पर तुम तो चाँद निकले,

जो हर रात जगह बदल लेते हैं।


हम आज भी उसी मोड़ पर हैं,

जहाँ तुमने हाथ छोड़ा था।

फर्क बस इतना है,

अब हम रोते नहीं, मुस्कुराकर याद करते हैं।


बेवफा तुम नहीं, तुम्हारा वक्त था,

जो हमारे प्यार से बड़ा हो गया।

और हम?

हम आज भी वही हैं...

तुम्हारे उस "हमेशा" का इंतजार करते हुए।

सीमा असीम 

23,8,26

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