मैं चाहती हूँ पूरे मनोयोग से 
अपनी भावनाओं की पराकाष्ठा तक 
मैं तुम्हारे लिए अपनी श्रद्धा आस्था के साथ समर्पित हूँ 
मुझे अहसास हो रहा है 
मैं महसूस कर रही हूँ 
मेरे मन में कुछ हो रहा है 
मानों स्वयम ईश्वर आकर नृत्य कर रहे हैं 
जैसे सब शून्य में विलीन हो रहा है 
अब लगा ले गले से मुझे इस तरह
लगे न जीवित हूँ 
न मरूँ कभी 
जज़्ब हो जाऊँ 
मुक्त हो जाऊँ
और हो जाये अमर 
हमारी मोहब्बत 
हमारी मोहब्बत 
सदा के लिए 
सदा सदा के लिए !!
सीमा असीम

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