लघुकथा
क्या है मेरी गलती ?



सुनो, क्या तुम अपनी पत्नी को प्यार करते हो ? प्रेमिका ने अपने प्रेमी के गाल को चूमते हुए पूछा !
हाँ क्यों नहीं करूंगा उसने अपनी पूरी जिंदगी मेरे नाम कर दी है ,मुझे बच्चों का सुख दिया, मेरा घर बार संभाला !
अच्छा, लेकिन मैं तो तुम्हें सिर्फ तुम्हें प्यार करती हूँ ! तुम भी सिर्फ मुझे क्यों नहीं करते !
मैं सिर्फ तुम्हारा कैसे हो सकता हूँ मेरी पत्नी है बच्चे हैं ,मैं उनका भी तो हूँ !
तुम सही कह रहे हो थोड़ा थोड़ा बंटे हुए हो तुम , हैं न ? पत्नी प्रेमिका फिर और भी प्रेमिकायेँ !
यह तुम क्या कह रही हो ?
हाँ मैं सही ही तो कह रही हूँ ! जब तेरी इतनी प्यारी पत्नी है बच्चे हैं तो फिर तुम इधर उधर मुंह क्यों मारते फिरते हो ,? बर्बाद कर क्यों करते हो किसी और की जिंदगी केवल अपने तन के सुख की खातिर !  और एक बात सुनो तुम्हें अपनी किसी भी बात पर ज़रा सा भी गिला नहीं होता ! हैं न ? 
क्या तुम्हें इस बात का अहसास भी है कि किसी के प्यार को तुम अपने स्वार्थ की खातिर लूट रहे हो ! उसे तन मन और धन से बर्बाद कर रहे हो ! तुम्हारे प्रेम में वो तुम्हें कभी कुछ मुंह से नहीं कहेगी लेकिन उसकी आत्मा से निकली बददुआ, उसे कहाँ लेकर जाओगे !
सच कहूँ तो मैं शर्मिंदा हूँ और अपने प्रेम को अपने भीतर दबा कर जियूँगी तुझे नहीं दूँगी अपना प्यार क्योंकि कोई स्वार्थी व्यक्ति कब तक किसी का फाइदा उठाएगा !
बोल लिया तुमने या अभी और भी कुछ बोलना है ?
नहीं अब तुम भी बोलो तुम्हें भी सुन लेती हूँ मैं !
मुझे बोलने या कुछ कहने को तुमने छोड़ा ही कब !
क्या तुम्हें अहसास नहीं है अपनी गलती का ?
है अहसास लेकिन मैं दुविधा में फंस गया था , मैं क्या करता ?
क्या तुम मुझसे अपनी बातें कह नहीं सकते थे ? अपना समझ कर सिर्फ मुझे लूटना ही अपनापन था ! बोलो बताओ मुझे ? बरसों से रो रही हूँ, तड़प रही हूँ, अपने अनकहे दर्द से बिलबिला रही हूँ ! क्या तुमने कभी मेरे मन को पढ़ने की कोशिश की है कभी ? आखिर मेरी गलती क्या है बस मुझे यह बता दो ? कि मैंने तुम्हें प्यार किया ? और सच्चा प्यार किया ! या तुम जैसे गलत आदमी से सच्चा प्यार किया ! बोलो मेरी गलती ? बताओ मेरी गलती ?
क्या है मेरी गलती ?
सीमा असीम
12,1,20

Comments

Popular posts from this blog

मुस्कुराना

याद