कबीर चन्दन के निडै नींव भी चन्दन होइ।बूडा बंस बड़ाइता यों जिनी बूड़े कोइ ॥हमारा अहंकार, हमारा घमंड और हमारा गर्व हमें कभी अच्छा इंसान नहीं बनने देता ! जो व्यक्ति घमंड करता है उसे कभी भी कुछ प्रपट नहीं होता है और पाकर भी चला जाता है ! कबीर दास जी कितनी अच्छी बात कहते हैं कि चन्दन के पास नीम का पेड़ लगा हो तो वो भी चन्दन कि महक से महक उठता है लेकिन बांस का पेड़ अपने बड़ेपन या लंबाई के कारण डूब जाता है और कभी उठकर खड़ा नहीं हो पाता है वैसे ही हमें अपनी संगति से अच्छे प्रभावों को तो पा लेना चाहिए सिर्फ घमंड में रहकर गवन देने में क्या फाइदा होता है !सीमा असीम 3,3,20 x

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