कबीर कहा गरबियौ, ऊंचे देखि अवास ।
काल्हि परयौ भू लेटना ऊपरि जामे घास॥
कबीर दास जी कहते हैं कि यह ऊंचे भवन, महल , दुमहिले कोई भी काम नहीं आयेंगे क्योंकि जब यह गिर जाएँगे तब इनके ऊपर घास उग आयेगी, झाड झांघाड़ बस जायेगी इसलिए इन पर घमंड करो , गर्व मत करो , कभी अहंकार में मत पडो ,,,, वीराना सुनसान हो जाता है हँसता खिलखिलाता हुआ भी और आवाद भी हो जाता है मुस्कुरा उठता है मन जब गहरा सन्नाटा खत्म हो जाता है बस ....

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