इक दिन ऐसा होइगा, सब सूं पड़े बिछोह।राजा राणा छत्रपति, सावधान किन होय॥कितना सही कहा है कबीर दास जी ने कि यह दुनिया सिर्फ एक भ्रम है जिसके लिए हम न जाने कितनी नफ़रतें, लड़ाई, झगड़े करते हैं कि सब कुछ हमें मिल जाये या मेरे नाम हो जाये लेकिन हम यह नहीं जानते कि हमें अपना सब यहीं पर छोड़ कर जाना पड़ेगा कुछ भी हमाँरे साथ नहीं जायेगा, हम खाली हाथ आए थे और खाली हाथ ही जाएँगे और हमें जाना ही पड़ेगा ,, यहाँ हम हमेशा नहीं रह सकते जैसे चाहें कोई राजा हो, छत्रपति हो, कोई भी क्यों न हो हमेशा यहाँ  के लिए नहीं आए हो और न ही कुछ ले कर जाओगे इसलिए अभी भी वक्त हो समझ जाओ और चेत जाओ .....सीमा असीम 1,3,20 x

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