परवाह 



परवाह करो उन रिश्तों की जो तुम्हारे अपने हैं तुम्हें प्रेम करते हैं तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी करते हैं मिटा कर और झुका कर खुद को तुम्हें आवाद करते हैं क्योंकि दुनिया में तुम्हें सब मिलेगा लेकिन प्रेम नहीं मिलेगा और न ही सच्चा विश्वास मिलेगा  ......
सीमा असीम 


मेरा नया उपन्यास 

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