Skip to main content
अब तक जो कुछ सीखा है बस इतना सीखा है ....कि मूर्ख को मूर्ख बनाने से क्या फायदा ....
बिलकुल सच है मूर्ख को दगा दे देना ,, धोखा दे देना उसके साथ छल कपात करके उसका सब कुछ छीन लेना लेकिन उस मूर्ख को तब भी कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि वो दिमाग वाली दुनिया को जानता ही नहीं है उसे नहीं पता होता है कि उसके साथ कोई गलत कर रहा है या सही कर रहा है ॥,,, उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता है वो पहले कि तरह ही हँसता है मुसकुराता है गाता है और अपनी ही दुनिया में खुश रहता है ....उसके मन कि दुनिया बेहद खूबसूरत और प्यारी होती है जहां वो अपनी सच्चाई और ईमानदारी के साथ मगन रहता है .... निर्मल मन जन सो मोही पावा मोही कपट छल छिद्र न भावा ...सीमा असीम 25,2,20
Comments
Post a Comment