हे मेरे ईश्वर मेरी बुद्धि को क्या हुआ है क्यों मन इतना परेशान रहता है क्यों हर वक्त आँसू तड़प और बेचैनी ,,मुझे सही रास्ता दिखाओ ईश्वर मेरा मार्ग प्रशस्त करो ,, बिखेर दो रोशनी और यह अंधेरे दूर कर दो ,,, मुझे इन अँधेरों से अब डर लगने लगा है घबरा गया है मेरा मन ,,,मेरे आँखों में आँसू है जो सच का प्रतीक हैं अब इन आंखो में खुशियों की चमक भर दो ,,ईश्वर मुझे अब मत सताओ ,,, मुझे दुखों से डर लगता है ...हे ईश्वर मुझे पता है सब अच्छा होगा मेरा मन खुशी से पुलकित हो जायेगा ,,,भरम दूर होगा और सच का दर्पण निखर आएगा हाँ यही होगा ,,,,तुम मेरे हो न ,,,तो मेरे कष्ट हर लो और खुशी दे दो ,,,,
सीमा असीम
11,2,20
Comments
Post a Comment