तुम आना प्रिय इस तरह से कि दे सको मुझे प्रेम, संबल और संरक्षण ! सिर्फ प्रेम करके मुझे बिसराया मत करो , मुझे पुकार कर भुलाया मत करो ! मैं तो जीना चाहती हूँ , मरना तो एक दिन है ही लेकिन रोज रोज का मरना या घुट घुट कर मरना अच्छा नहीं लगता है , सुनो तुम बस मुझे समझते रहा करो प्रेम करने के लिए तो मैं ही काफी हूँ , तुम भले ही भटको लेकिन लौट आया करो हर बार पहले से ज्यादा खुशियाँ लेकर ,,क्या तुम जानते हो कितना दुख होता है दर्द होता है और जीना भी मुश्किल हो जाता है क्योंकि सांस नहीं आती है दिल घबराहट से भर जाता है शायद तुम्हें अहसास हो जाता होगा ,,,अगर हाँ तो तुम मुझे तकलीफ क्यों देते हो ? क्यों बताओ न , क्या मेरा दुख तुम्हारा दुख नहीं होता ,, आज जब मैं जी भर कर मुस्कुराइ तो मेरे मन को चैन आ गया और दिल खुशी से भर गया चहक उठा अन्तर्मन किसी चिड़िया की तरह और मैं डाल डाल फुदक उठी ,,,, सच तो यही है न कि तुम मुझे बेपनाह मोहब्बत करते हो पर कभी कह नहीं पाते जता नहीं पाते ,,,,मत कहो , मत जताओ ,,, लेकिन सुखद अहसास तो दो अपनी वफा तो निभाओ और कभी कभी कहो मुझे आई लव यू जैसे कि आज कहा तुमने मुझसे ,,,एक बार नहीं बल्कि बार बार ,,,,,
सीमा असीम
13, 2,20

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