तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है
अँधेरों में भी मिल गयी रोशनी है
तुम हो तो क्या गम है, बस यही एक बात मेरे मन को तसल्ली देती है कि जब तुम मेरे साथ न होकर भी मेरे साथ हो तो फिर साथ होकर कितने ज्यादा करीब होते हो ... आज मन में सुबह से ही पुलक घर कर गयी थी मन खुशी से झूम रहा था कि जैसे किसी नयी खुशी ने मन में बसेरा कर लिया हो मेरा नाराज और उदास मन बिना किसी के मनाए जाने के बाद भी मान गया था , फिर मन मन  मरजी का गीत, नाचना और सर्द कोहरे भरे दिन में सूरज का चमकना ,, सब कुछ कितना सरल और सुखद था , न कोई उदासी , न रोना , मानों सेंटा खुशियों का खजाना लेकर आया है सारे दुख दूर करके खुशी और सुख का संदेश ले आया है , मेरा पवित्र निर्मल मन कुछ और ज्यादा साफ और खुश हो गया है ,,, सच में सच के जीत है और झूठ के आगे हार आखिर कब तक हम सच झूठ जीत हार का जश्न मानते रहेंगे , नहीं जानती लेकिन एक बात पक्की है कि सच कभी टूटता नहीं हारता भी नहीं हाँ कुछ समय को विचलित हो जाता है, बिखर जाता है  फिर उसका वही विचलन, बिखराव उसमें और भी ज्यादा चमक भर देते हैं , हैं न प्रिय तुम कहो न , कुछ बोलो कि सच हमेशा सच ही रहता है उसके लिए किसी प्रमाण या सफाई की जरूरत नहीं होती है ,,,,,
तू है हर तरफ तेरा ही तो राज है
जैसे कल था, होगा, वैसा ही आज है !!
सीमा असीम
25,12,19 

Comments

Popular posts from this blog

मुस्कुराना

याद