क्रॉसिंग पर बस के रुकते ही तीन-चार बच्चे उसमें चढ गए  जिनकी उम्र तकरीबन 10 से 12 साल ही होगी अरुण सबके हाथ में कुछ ना कुछ बेचने की चीजें थी जैसे मूंगफली पॉपकॉर्न पापड़ हरा नारियल आदि, पापड़ पापड़ मूंगफली मूंगफली पॉपकॉर्न पॉपकॉर्न किस शोर मचाते हुए वह बस में उधर घूमने लगे एक दो लोगों ने ही कुछ सामान खरीदा बाकी वह ऐसे रंग लगाकर उतर कर नीचे चले गए, बस जल्दी फिर आगे एक स्टॉप पर रुके वहां भी इसी तरह से बच्चे समोसे मूंगफली आदि लेकर पीटने लगे आकर मैंने मन ही मन सोचा यह बच्चे सुबह से लेकर रात तक भेजते हैं कितने पैसे मिल जाते होंगे कोई तो खरीदा नहीं है मैंने ऐसे सोचती हुए एक बच्चे से मूंगफली के पैकेट खरीदें  क्यों बेचते हो तुम लोग, कहीं पढ़ाई पढ़ाई क्यों नहीं करते आजकल तो स्कूलों में खाना भी मिलता है हां मैडम जी जरूर मिलता है लेकिन वह सिर्फ हमें तो मिलेगा और घर में हमारा छोटा भाई हमारी मम्मी वह क्या खाएंगे उनके लिए कमाने तो निकलना ही पड़ेगा ना पापा तो बैठे नहीं है कमाने को कहां गए पापा क्या हुआ पापा को

पापा हुआ कुछ नहीं उन्होंने दूसरी शादी कर ली है क्या हालात है 

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