लघुकथा , अमरूद
भैया अमरूद कितने रुपए किलो है
₹80 किलो
वह चुपचाप बिना कुछ बोले वहां से हट गई और दूसरे ठेले पर पूछा भैया कितने रुपए किलो अमरूद दे रहे हो
मैडम ₹80 किलो
यह तो कमाल हो गया है सब कोई ₹80 किलो ही बेच रहा है हमारे शहर में तो सस्ता है कहीं ऐसा तो नहीं हमें दूसरे शहर का समझ कर इतना महंगा बोल रहे हो? कणिका ने कहा ।
नहीं नहीं मैडम जी आप कहीं भी पूछ लो आपको ₹80 मिलेंगे। अमरूद खाने का मन है तो लेने हीं पडेंगे, और ऐसे सोचते हुए वो बोली
चलो ठीक है भैया 1 किलो दे दो।
थोड़ा आगे आकर देखा तो एक बूढ़ी औरत अमरुद पूछ रही थी अम्मा अमरुद कैसे दिए?
हमें कि उसे लेने तो थे नहीं वह तो ऑलरेडी ले चुकी थी और उसके मूल्य पता करने की वजह से पूछा ₹50 किलो हैं ले लो बेटा थोड़े ही बचे हैं ।
अरे ₹50 किलो और सब जगह तो ₹80 किलो है
बेटा हम से तो कोई ₹50 किलो भी नहीं ले रहा है आप कहां से 80 रुपए किलो ले आई और मैं सोच में पड़ गई क्या वाकई उसने हमें दूसरे शहर का और गाड़ी देख कर उस अमरूद वाले ने हमें ठग लिया ।
सीमा असीम सक्सेना , बरेली
Comments
Post a Comment