तुम तो सनम वाकई में कमाल करते हो
प्यार करते हो या मजाक करते हो। ...
सुनो
तुमसे तो हार ही गयी हूँ अब मैं क्योंकि तुम एक ऐसे इंसान हो जिसे अपनी जीत अपनी अकड़ अपने अहंकार से बढ़कर कुछ भी अच्छा नहीं लगता है लेकिन प्रिय तुम यह क्यों भूल जाते हो कि अगर मैं तुम्हें प्रेम करती हूँ तो तुम भी मुझे उतना ही प्रेम करते हो और मेरे बिना तुम भी कुछ नहीं जैसे मैं तुम्हारे बिना कुछ नहीं हूँ ,,,प्रिय किस तरह से मन को समझा या बहला लेते हो तुम मेरा तो दिल इतना भर आता है कि जी चाहता है मैं तुमसे अभी इसी वक्त बात करूँ और अपने मन की सब कह कर हलकी हो जाऊं और तुम्हारी सब सुन भी लूँ जिससे तुम्हारे मन की गलत भावनाये मिट जाएँ लेकिन फिर किसी तरह से सब्र का दामन धाम लेती हूँ कि चलो कोई बात नहीं ,,,कहते हैं न कि जात न सब दिन एक समान ,,,,अभी मैं तुम्हारा इंतजार करती रहती हूँ हो सकता है कल को तुम मेरा इंतजार करते रहो क्योंकि आज तुम्हारे दिन हैं कल मेरे होंगे इसलिए संभल जा धीर रख ो अधीर मन सब सही हो जाएगा एक दिन और तुम मुझे अपनी जान से ज्यादा चाहने लगोगे जैसे पहले चाहते थे मेरे बिना एक पल भी रह नहीं पाते थे और सच कहूं तो तुम आज भी मुझे बेपनाह प्यार करते हो मुझसे भी कहीं ज्यादा प्रेम तुम करते हो ,,,हाँ सच सिर्फ यही है कि तुम बहुत चाहते हो मुझे बहुत ज्यादा। .....
तुम पर मेरा मन निसार होता है
हाँ प्रिय ये तेरा प्यार ही तो है। ..
सीमा असीम
१९ ,८ ,१९
प्यार करते हो या मजाक करते हो। ...
सुनो
तुमसे तो हार ही गयी हूँ अब मैं क्योंकि तुम एक ऐसे इंसान हो जिसे अपनी जीत अपनी अकड़ अपने अहंकार से बढ़कर कुछ भी अच्छा नहीं लगता है लेकिन प्रिय तुम यह क्यों भूल जाते हो कि अगर मैं तुम्हें प्रेम करती हूँ तो तुम भी मुझे उतना ही प्रेम करते हो और मेरे बिना तुम भी कुछ नहीं जैसे मैं तुम्हारे बिना कुछ नहीं हूँ ,,,प्रिय किस तरह से मन को समझा या बहला लेते हो तुम मेरा तो दिल इतना भर आता है कि जी चाहता है मैं तुमसे अभी इसी वक्त बात करूँ और अपने मन की सब कह कर हलकी हो जाऊं और तुम्हारी सब सुन भी लूँ जिससे तुम्हारे मन की गलत भावनाये मिट जाएँ लेकिन फिर किसी तरह से सब्र का दामन धाम लेती हूँ कि चलो कोई बात नहीं ,,,कहते हैं न कि जात न सब दिन एक समान ,,,,अभी मैं तुम्हारा इंतजार करती रहती हूँ हो सकता है कल को तुम मेरा इंतजार करते रहो क्योंकि आज तुम्हारे दिन हैं कल मेरे होंगे इसलिए संभल जा धीर रख ो अधीर मन सब सही हो जाएगा एक दिन और तुम मुझे अपनी जान से ज्यादा चाहने लगोगे जैसे पहले चाहते थे मेरे बिना एक पल भी रह नहीं पाते थे और सच कहूं तो तुम आज भी मुझे बेपनाह प्यार करते हो मुझसे भी कहीं ज्यादा प्रेम तुम करते हो ,,,हाँ सच सिर्फ यही है कि तुम बहुत चाहते हो मुझे बहुत ज्यादा। .....
तुम पर मेरा मन निसार होता है
हाँ प्रिय ये तेरा प्यार ही तो है। ..
सीमा असीम
१९ ,८ ,१९
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