मेरी ख्वाहिशें तमन्नाएं और कामनाएं यूँ ही तो  नहीं हैं
कि प्रेम की हर  तकलीफ को ख़ामोशी से सहा है  मैंने । ....
सुनो
       मैं नहीं चाहती कि  मेरी  कोई भी परेशानी तुम को छू भी सके बस इसीलिए ही सारी तकलीफें मैं अकेले  सहती रही   और तुम्हें तकलीफ में देखकर चुपके चुपके रोती रही ,,,सनम न जाने वो कौन सी  बात थी कि जो तुम अपने उसूलों से दूर  हुए भटके और फिर उस गलत को सही करने के लिए खुद की ही  नजरों में खुद को गलत   ठहराते रहे सबकुछ जान समझ कर भी तुम उस गलती को सबसे छुपाने की कोशिश में लगे रहे जबकि एक गलत इंसान हमेशा ही दूसरों को गलत कहता है  नीचा दिखाता है वो कभी भी नहीं चाहेगा कि कोई भी आपका सम्मान करे आपको अच्छे स्थान पर रखे बस इतनी सी बात को आपने  समझ कर भी समझना नहीं चाहा आखिर क्यों और किसलिए ,,,,
प्रिय  तुम एक सच्चे और प्यारे  इंसान हो और रहोगे भी मेरा यह विश्वास आखिरी पल  तक कायम रहेगा इसे कोई भी तोड़ नहीं सकता ,तुम स्वयं भी नहीं हाँ सनम तुम भी नहीं। ...
 अपने सच्चे मन से तुम्हे चाहा है और दिल में बसाया है
कि तुमसे बढ़कर कोई खुदा और क्या होगा
सिर्फ तुम
 तुम सिर्फ मेरे ही हो । ...
 सीमा असीमा
२२,८,१९

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