ओ मेरे प्रेम के देवता तू ही तो प्रेम है मेरा
तेरे लिए ही अपना जीवन बार दिया है
सुनो प्रिय
आज रात को जब तुम्हारा जन्म होगा न कन्हैया तब दुनिया के सारे तम मिट जायेंगे और बिखर जाएगी प्रेम की ख़ुशी की जीवंत रौशनी ,,,तुम तो जानते ही हो न दुनिया में कितने गम है दर्द हैं और तकलीफें हैं , सब जीना चाहते हैं लेकिन उनको मरना पड़ता है जीने के लिए मरते हैं फिर भी अपनी पसंद से अपनी ख़ुशी से जी नहीं पाते हैं चाह कर भी नहीं, क्यों होता है ऐसा? न जाने क्यों ? यह सवाल हमेशा मेरे मन में गूंजता रहता है कि हमारा जीवन तो हमारा होता है तो फिर हम उसे अपने हिसाब से क्यों नहीं जीते हैं? क्यों हम दूसरों के तरीके से जीवन बिताने को विवश होते हैं ? न जाने कब मुझे मेरे इस सवाल का जवाब मिलेगा ? कब मुझे सिर्फ अपने तरीके से जीवन जीने को मिलेगा या जैसा मैं चाहती हूँ या जैसा मैंने जीना चाहा ,,,वो कभी भी नहीं हुआ या शायद कभी होगा , कैसे मन ख़ुशी से लबरेज होगा? उत्साह और ऊर्जा से भरा हुआ लेकिन मुझे उम्मीद है वो दिन जरूर आएगा जब हर इंसान सच्चा होगा और सच्ची ख़ुशी को महसूस करेगा ,,,हाँ मैं सच में जीना चाहती हूँ जीवित रहते हुए। .....
जीना है सनम मुझे हर सच्ची ख़ुशी के साथ
कि जीवन मिलता नहीं है फिर बार बार !!!
सीमा असीम
२३,८,१९
,
तेरे लिए ही अपना जीवन बार दिया है
सुनो प्रिय
आज रात को जब तुम्हारा जन्म होगा न कन्हैया तब दुनिया के सारे तम मिट जायेंगे और बिखर जाएगी प्रेम की ख़ुशी की जीवंत रौशनी ,,,तुम तो जानते ही हो न दुनिया में कितने गम है दर्द हैं और तकलीफें हैं , सब जीना चाहते हैं लेकिन उनको मरना पड़ता है जीने के लिए मरते हैं फिर भी अपनी पसंद से अपनी ख़ुशी से जी नहीं पाते हैं चाह कर भी नहीं, क्यों होता है ऐसा? न जाने क्यों ? यह सवाल हमेशा मेरे मन में गूंजता रहता है कि हमारा जीवन तो हमारा होता है तो फिर हम उसे अपने हिसाब से क्यों नहीं जीते हैं? क्यों हम दूसरों के तरीके से जीवन बिताने को विवश होते हैं ? न जाने कब मुझे मेरे इस सवाल का जवाब मिलेगा ? कब मुझे सिर्फ अपने तरीके से जीवन जीने को मिलेगा या जैसा मैं चाहती हूँ या जैसा मैंने जीना चाहा ,,,वो कभी भी नहीं हुआ या शायद कभी होगा , कैसे मन ख़ुशी से लबरेज होगा? उत्साह और ऊर्जा से भरा हुआ लेकिन मुझे उम्मीद है वो दिन जरूर आएगा जब हर इंसान सच्चा होगा और सच्ची ख़ुशी को महसूस करेगा ,,,हाँ मैं सच में जीना चाहती हूँ जीवित रहते हुए। .....
जीना है सनम मुझे हर सच्ची ख़ुशी के साथ
कि जीवन मिलता नहीं है फिर बार बार !!!
सीमा असीम
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