कितना अच्छा लगता है सुबह सुबह सूरज का निकलना पंछियों का चहकना फूलों का खिलना और रोशनी का बिखर जाना रात के अंधेरे को मिटाते हुए जब रोशनी होती है तो मन खुशी से प्रफुल्लित होता है बहुत अच्छा लगता है मुझे दुनिया को रोशनी में देखना मुझे नहीं पसंद अंधेरा नहीं पसंद मुझे मुरझाना नहीं पसंद मुझे रोशनी का कम हो जाना लेकिन सुनो इस सब से भी ज्यादा अच्छा लगता है मुझे तुम्हारा मुस्कुराना तुम्हारा मुझ से बतियाना....... सीमा असीम 3, 10, 20
चांद को देखना एक तक देखते जाना घटते बढ़ते और 16 कलाओं से परिपूर्ण होते जाना कितना सरल है ना चांद को देखना चांद की पवित्र चांदी में नहाई धरती पर अपनी परछाई को पकड़ने की कोशिश करना छोटी बड़ी आड़ी तिरछी लंबी नाटी परछाई को पकड़ कर अपने गले से लगाने की कोशिश करना सरल है ना परछाई को नापना इतना ही सरल तो है बस तुम्हें पढ़ना और सिलसिलेवार लिखते चले जाना चाँद का आसमां में मुस्कुराना सीमा असीम 23,2,21
इस कोरोनावायरस 6 महीने तक लगातार कोई घर में बंद रहेगा तो तो उसका दम तो करना ही है उस सांस लेने को मजबूर हो जाएगा आखिर क्या करें लिखना पढ़ना और दिमाग खफा है रहना कितना ज्यादा डिप्रेशन हो गया आखिर घर से बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है ना एक लिखने वाले के लिए लेकिन घर से कोई जाने वाला नहीं था और और मुझे बाहर कहीं घूमने जाना था घर में किसी के पास समय नहीं नहीं और किसी का मन भी नहीं सब अपने लैपटॉप लेकर घर के काम ऑफिस के काम में लगे हुए आंखें मैंने एक युक्ति निकालेंगे देखा फेसबुक पर एक सज्जन जो मेरे जाने वाले थे पहले से और वरिष्ठ साहित्यकार भी उन्होंने फेसबुक पर डाला कि घूमने जाना है कोई साथ चलना चाहे तो चले मैं अंधा क्या चाहे दो आंखें बस उसने फौरन वहां पर कमेंट में लिख दिया मुझे चलना है मुझे ले जा सकते हो तो ले चलो उनका देख लो अगर तुम्हारे साथ जाने के लिए कोई और महिला तैयार है तो ठीक है चलो हम तीन लोग हो जाएंगे और साथ साथ घूम कर आ जाएंगे मुझे भी अच्छा लगा उनका यह जवाब और मैंने एक लड़की और तलाशी ली और हम तीन लोग मिलकर घर से जाने के लिए तैयार हो गए आप जाएं कहां क्योंकि घर से बाहर निकलना एक बहु...
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