na जाने क्यों आदत सी हो गयी है
हर किसी को हर बात पर शक सुबह करने की
लोग तो अक्सर इश्वर पर भी शक करने लगते हैं
समझते ही नहीं कि जो इश्वर करता है या
कर रहा है वो हमारे भले के लिए ही कर रहा है
जो कुछ भी वो करता है
उसमें हमारा कुछ न कुछ अच्छा ही हो रहा होता है
की भी हमारे साथ अगर कुछ भी गलत करता है तो
उसका अंजाम उसे खुद ब खुद जरुर मिलता है
तो फिर हम क्यों उस पर ऊँगली उठाते है
क्यों उसे गलत ठहराने के लिए कमर कस लेते हैं
और हर तरह से नीचा दिखने का प्रयास करते हैं
उसके लिए हमें चाहें कितने भी साम भेड़ क्यों न अपनाने पड़े
आखिर उसे गलत साबित कर देते हैं तभी सकूं पाते हैं
जबकि जो गलत करता है
वो खुद ही उसकी सजा भुगत रहा होता है
अपने मन ही मन में
हमें तो विश्वास रखना है सिर्फ खुद पर
और अपने इश्वर पर फिर
चाहें कोई कुछ करे हमें कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है
हमें मस्त रहना है
खुश रहना है
बहुत हुआ अब
जियो शान से और दिखा दो दुनिया को कि
हमारे साथ ईश्वर है
वो हमें हमेशा सही राह दिखता रहेगा
हर कदम पर और हर हाल में ........
सीमा असीम
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