कहाँ हो आर्यन तुम और बिना बताए कहां चले गए चंपारण वापस आ जाओ वरना मैं मर जाऊंगीमेसेज करने के बाद मन को थोड़ा सकून आया कि अब उसका आर्यन वापस आ जायेगा क्योंकि यह पढ़ने के बाद वो मेरी स्थिति समझ जायेगा
उसी समय उसका फोन की घंटी बज उठी है और वह अपनी तरह से तुमचा से बाहर निकल आई है क्योंकि वह तुम्हारे ख्यालों में खोई हुई थी उसका फोन तो नहीं है किसका फोन है वह जल्दी से फोन का बटन दबा कर बात करने लगी कल तू आ रही है सैया हम लोगों को सुबह जल्दी निकलना है भाई और हम और तुम तीनों चल रहे हैं वहां पर हम लोग बहुत मजे करेंगे कितने दिनों के बाद साथ जाने का मौका मिला है और तू ऐसा कैसे कर सकती है कि ना जाए तो जा रही है हमारे साथ हर हाल में कोई बहाना नहीं चलेगा बड़े दिनों के बाद तो हाथ लगी है और तेरा साथ मतलब खुशियों का भंडार तो तू जहां भी रहती है बस खुशियां ही खुशियां होती है लेख लेकिन तुम मुझे अब पहले जैसी नहीं लगी तो कल बड़ी उदास निराश और हताश थी क्या हुआ है तो मुझे बताना मैं तो तेरी ही हूं तेरी सहेली तेरी अपनी तेरी सब कुछ हां हां यार मैं सब पता होगी तो इतनी सारी बातें करेगी एक साथ तो मैं कितनी सारी बातों का जवाब दूंगी तो एक एक बात कर तुम्हें एक एक बात का जवाब देती हो और सुन अब मैं तुझे कल ही सब कुछ बताओ मैं कल ही बात करूंगी कि मैं उदास क्यों हो हां चल ठीक है तू बस आ रही है तो बस आ रही है तुझे बताना है तो तुझे एक जोड़ी कपड़े रखना है बाकी तो कुछ मतलब मेरे पास है ना सब कुछ मिल जाएगा और तेरे मेरे नाम पर कोई ज्यादा अंतर तो आया है नहीं एक से ही है जैसे पहले मुझसे अभी ठीक है मैं बस पैकिंग कर रही थी यही सोच रही थी मैं क्या-क्या लेकर जाऊंगा लेकिन तुमने मुझसे यह बात कह कर मेरे मन का बोझ हल्का कर दिया अब मुझे कोई ज्यादा कपड़े रखने की जरूरत ही नहीं है बस अपना नाइट सूट रखूंगा जींस टॉप पहन कर आ जाऊंगी ठीक है ना खुश तो जबरदस्ती हंसती हुई बोली क्योंकि उसके चेहरे पर मुस्कान जबरदस्ती ही आती थी वैसे तो दिल अंदर से बहुत दुखी हो जाता क्योंकि उसकी जो पीड़ा है बस वही समझ सकती है कहते हैं ना जिसके पैर न फटी बिवाई वो क्या जाने पीर पराई दूसरा को महसूस करता है कर सकता है जबकि उसने उस पीड़ाको, भोगा ही नहीं है भोगने वाला ही जानता है वो कहते हैं ना कब्र का हाल मुर्दा ही जानता है
इस पर जो गुजरी है वह सिर्फ मैं ही जानती है या फिर उसको ईश्वर जानता है वही साक्षी है उसने सब देखा है वह तो उसके मंकी किंग जानता है वह कभी झूठ तो थी ही नहीं ना जाने क्यों उसके साथ ऐसा होगा ना जाने क्यों इतनी तकलीफ उसे अकेली पड़ी वह भी अकेले क्योंकि किसी से कहीं भी तो नहीं जा सकती किसी से वह कह भी नहीं सकती और ना वह कभी कहेगी कहने के बाद लोग उसकी मजाक ही तो बनाएंगे उसको ही पलट है रहेगी ना कि वह कभी गलत नहीं थी वह तो सिर्फ प्रेम में थे और प्रेम कुछ भी करा सकता है तू इतनी सीधी राह पर चल रही थी लेकिन प्रेम ने उसे उस रास्ते पर पहुंचा दिया जहां से कोई नाम आगे मंजिल थी और ना ही कुछ सिर पर वादे ही थी और वह बर्बाद हो गई बुरी तरह से क्या आर्यन भी उसी की तरह सोचता होगा कि उसके दिल में भी ख्याल आता होगा नहीं उसके दिल में ख्याल कैसे आता होगा उसके लिए तो और भी लड़की है और दूसरी लड़कियों के साथ अपने गम को बुला लेता होगा क्योंकि उसने तो सिर्फ इसीलिए तो उसे छोड़ा क्योंकि वह दूसरी लड़कियों के साथ खुश था उसी कोई फर्क ही नहीं पड़ता मेरे छोड़ने से या उसके साथ उसने तुम मुझे तुम की मक्खी की तरह निकाल कर बाहर फेंक दिया यह जाओ और मारो चाहे कहीं जाओ मुझे कोई परवाह नहीं है ठीक है तुमने जो किया मैं कुछ सही किया लेकिन मैंने भी जो किया वह मैं कुछ सही किया मैं सच्ची थी कल भी और मैं सच्ची हूं आज भी मैं हमेशा ही रहूंगी प्रेम सिर्फ एक बार होता है और औरत सिर्फ एक बार ही प्रेम करती है वह बार-बार प्रेम नहीं करती और ना उसके दिल में कभी एक के बाद दूसरे का ख्याल आता है इन सब बातों में भेजी गई थी कि मैंने दरवाजे के पास आकर पूछा हां तो तू जा रही है ना कर तैयारी कर ली जाने की मां सोच रही हूं चली जाओ अच्छा लगेगा मुझे हां क्यों नहीं जो तुम चाहोगी तो बाद में तुझे रोज कहती हूं तू बाहर निकल घर में रहती तुझे यूं ही डिप्रेशन होता रहेगा डिप्रेशन में इंसान कभी कोई गलत सही फैसला नहीं करता हमेशा गलत फैसला करता है जो ना उसके हित में होता है और ना किसी परिवार के न समाज के हित में इसलिए तुम निकल बाहर की दुनिया में देख अच्छी दुनिया है कितनी खूबसूरत और इस तेरे लिए ही तो तू अभी नहीं इस दुनिया को देखेगी तो कब देखेगी यह दुनिया ठोकरे खा खाकर तुझे जीना सिखा देगी हरिहरन वह तुझे इतना समझदार बना देंगे कि तू अपने मन को इतना मजबूत कर लेंगे कि तुझे आंखों में कभी आंसू नहीं आएंगे मां की बात सुनकर उसका दिल भर आया और वह मां के कंधे पर सिर रखकर गोली क्यों करती हो इतनी समझदार हो मुझे लगता है आप मेरे मन को समझती हो हां बेटा क्यों नहीं समझोगे मैं तेरे एक एक बात जानती हूं आकर तेरी मां होना ने बचपन से तुझे पाला है तुझे कब भूख लगती है कब तुझे प्यास लगती है मैं तो सब जानती हूं तेरे बिना कहीं ही सबसे मैं चाहती हूं इसलिए तो उठा फटाफट तैयारी कर आजा मैं तेरे लिए रास्ते के लिए थोड़ी सी मछली बना देती नहीं मम्मी आप कुछ मत बनाना चाहते का खाएंगे ना काम समय हम लोग रोज बाहर जाते हैं घर में रहेंगे तो घर का खाना और जब बाहर तो बाहर का खाना वही सूट करता है ना शरीर को तेरी ही बातें तो अजीब है ना मुस्कुराइए उसकी आंखें भरी हुई थी लेकिन चेहरे पर मुस्कान आई थी उनको मुस्कुराता दे देखकर सिया भी मुस्कुरा देती
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