पुकार
जब मेरा दिल पुकारता है तुम्हें शिद्दत से
तो मेरी आवाज तुम तक पहुंच जाती है
फिर तुम भूल कर सारी दुनिया की बातें
खींचे चले आते हो मेरी तरफ
कुछ और याद नहीं रहता है तुम्हें
मेरे सिवाय
क्योंकि कहते हैं ना कि
दिल की आवाज दिल तक जाती है
कोई भी उसे फिर रोक नहीं सकता
यह मामला है दिल का
इसमें दुनिया क्या कर लेगी
कुछ भी नहीं कर पाएगी
फिर चाहे अंजाम कुछ भी हो
कोई भी फर्क नहीं पड़ता
लेकिन पुकारना सदा अपने सच्चे मन से
और सच्चे दिल की पुकार कभी जाया नहीं जाती
क्योंकि यह बात है दिलों की..
सीमा असीम
6,1,21

बहुत सुंदर।
ReplyDeleteThanku
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