ख़ुशी

 अपनों को खुशी देने से जो खुशी आपके चेहरे पर आती है वह अनोखी होती है

असीमित होती है उसका कोई ओर छोर ही नहीं होता...

 पर हम ऐसा करते ही कहां है हम अपनी खुशी के पीछे भागते रहते हैं


अपनी खुशी के लिए जाने कितने उतार-चढ़ाव चढते रहते हैं पर पाते क्या हैं कुछ नहीं

कभी मुस्कुराया करो दूसरों को खुश देखकर

कभी दूसरों को ख़ुशी बाँट आया करो

जिंदगी है इसी का नाम 

न रूठो किसी से पर

जरूरत पड़े तो मनाया करो

प्रेम की राह पर चलकर तो देखो

अहसासों से भर जाओगे

भूल जाओगे खुद ही को तुम

ज़िन्दगी में महक से भर जाओगे...

सीमा असीम

8,1,21


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