सत्य

 आप तमाम उम्र सत्य की खोज में रहते हैं 

सत्य को जानना चाहते हैं 

अपने सत्य नहीं 

दूसरों के सत्य और 

दूसरों के सत्य के लिए 

अपने सत्य को खत्म कर देना चाहते हैं 

हम भूल जाते हैं कि हमारा जो सत्य है 

वह सिर्फ हम जानते हैं 

दूसरों  का सत्य तो सिर्फ वही जान सकता है 

हम उसके सत्य को नहीं जान सकते 

जैसे वह हमारे सत्य को नहीं जा सकता

 किसी भी कीमत पर किसी भी हाल में 

रे मन काहे न धीर धरे..... 


सीमा असीम 

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