दिल भर भर आता है औ आंसू छलक छलक  जाते हैं
तेरी याद में सनम तेरे  दर्द में सनम जी नहीं पाते हैं
सुनो प्रिय तुम किस तरह से मेरे बिना जी लेते हो  मेरी याद  है कैसे तुम्हारा दिल नहीं धड़कता है कैसे तुम तक मेरी आवाज नहीं जाती है ,,,बोलो न सनम बताओ न मुझे सनम , वो कौन सी तरकीब है ,  वो कौन सी विद्द्या है जिसे तुमने अपने जीवन में उतार लिया  और सुख से  जी  लेते हो या शायद तुम भी मेरी ही तरह से परेशान रहते हो ,मेरी ही तरह से दुखी होते हो  ही तरह से आंसू बहाते हो , मुझे लगता है जैसी मेरी हालत होती है तुमसे दूर रहकर वैसी ही तुम्हारी भी होती होगी क्योंकि दिल से दिल को राह होती है और जैसा हम सोचते हैं वैसा ही सामने वाला सोचता है लेकिन सनम चाहे जो भी हो सही या गलत झूठ या सच मुझे कुछ नहीं पता न दुनियादारी का पता है मालूम है तो सिर्फ इतना कि मैं तुम्हारे प्रेम में हहूँ सिर्फ तुम्हारी और तुम्हारे प्रेम में भले ही दुनियां की कितनी भी मुश्किलें हमारे रास्ते में आये मैं कभी भी पीछे नहीं हटूंगी और न ही कभी डरूंगी सिर्फ तुम्हारी होकर मैं सिर्फ तुम्हारी रहूंगी जैसे हो तुम सिर्फ मेरे और सिर्फ मेरे हो तुम
आपके लिए हमने दुनिया भुला दी है \
खोई हूँ इस कदर  प्रेम में तेरे !!!
सीमा असीम
१९,६,१९  

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