तुमसे प्रेम किया है और सदा करते ही रहेंगे
तुम इसे नफ़रत का रंग मत देना कभी
सुनो मेरे प्रिय
क्या तुम्हें पता है कि मेरे दिल में कितना प्रेम है सिर्फ तुम्हारे लिए सनम मुझे भटकने से बचा लो मैं बर्बाद हो जाउंगी , कितना दिल में दर्द उठता है सारा चैन और सकूँ खो जाता है ,हाँ किसी मशीन की तरह से जी तो लेते हैं लेकिन यह जीना भी कोईअहन जीना है जहाँ तुम न हो वहां पर जीवन कैसे हो सकता है क्योंकि मैं तो तुम्हारी सांसों से ही साँस लेती हूँ ,जब कभी मेरी साँस घुटने लगती है तब मुझे लगता है कि जरूर तुम भी वहां तकलीफ में हो , मेरी बेचैनी उस वक्त चरम पर होती है अब तुम ही बताओ यह मेरा जीवन मेरा कैसे हुआ , तुम्हारा ही है न। सनम कई रातों के रतजगे के बाद आखिर जब तुमसे बात हो गयी तो दिल को थोड़ा कसकुन आया और मैं चैन की नींद सो ली वरना नींद तो थोड़ी बहुत आती थी पर चैन या सकूँ नहीं आता था ,,,,,,
खैर प्रिय तुम अपना ख्याल मेरे लिए रखा करो क्योंकि तुम जब अपना ख्याल रखते हो तो मैं सही रहती हूँ ,,,प्रिय दुनिया में बहुत दुःख है , बहुत कष्ट हैं लेकिन हम कभी अकेले नहीं हैं मैं हमेशा आपके साथ हूँ और हमेशा आपके साथ ही रहूंगी इसलिये प्रिय मुझे कभी अकेला मत करा करो गैर मत समझा करो। ...सिर्फ तुम हो मेरे हाँ सनम तुम सिर्फ मेरे हो और सदा मेरे ही रहोगे ,,,,,,,
मैं अपनी जान की बाजी लगाकर जान पर खेल जाउंगी
जब कभी तुम मुझे रुसबा करोगे। .....
सीमा असीम
८,६,१९
तुम इसे नफ़रत का रंग मत देना कभी
सुनो मेरे प्रिय
क्या तुम्हें पता है कि मेरे दिल में कितना प्रेम है सिर्फ तुम्हारे लिए सनम मुझे भटकने से बचा लो मैं बर्बाद हो जाउंगी , कितना दिल में दर्द उठता है सारा चैन और सकूँ खो जाता है ,हाँ किसी मशीन की तरह से जी तो लेते हैं लेकिन यह जीना भी कोईअहन जीना है जहाँ तुम न हो वहां पर जीवन कैसे हो सकता है क्योंकि मैं तो तुम्हारी सांसों से ही साँस लेती हूँ ,जब कभी मेरी साँस घुटने लगती है तब मुझे लगता है कि जरूर तुम भी वहां तकलीफ में हो , मेरी बेचैनी उस वक्त चरम पर होती है अब तुम ही बताओ यह मेरा जीवन मेरा कैसे हुआ , तुम्हारा ही है न। सनम कई रातों के रतजगे के बाद आखिर जब तुमसे बात हो गयी तो दिल को थोड़ा कसकुन आया और मैं चैन की नींद सो ली वरना नींद तो थोड़ी बहुत आती थी पर चैन या सकूँ नहीं आता था ,,,,,,
खैर प्रिय तुम अपना ख्याल मेरे लिए रखा करो क्योंकि तुम जब अपना ख्याल रखते हो तो मैं सही रहती हूँ ,,,प्रिय दुनिया में बहुत दुःख है , बहुत कष्ट हैं लेकिन हम कभी अकेले नहीं हैं मैं हमेशा आपके साथ हूँ और हमेशा आपके साथ ही रहूंगी इसलिये प्रिय मुझे कभी अकेला मत करा करो गैर मत समझा करो। ...सिर्फ तुम हो मेरे हाँ सनम तुम सिर्फ मेरे हो और सदा मेरे ही रहोगे ,,,,,,,
मैं अपनी जान की बाजी लगाकर जान पर खेल जाउंगी
जब कभी तुम मुझे रुसबा करोगे। .....
सीमा असीम
८,६,१९
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