मोहित ने उस लड़की को देखा और मानो जैसे उसकी तपस्या पूरी हो गई उसका ध्यान गुरु ग्रंथ साहिब की तरफ नहीं था उसका ध्यान तो सिर्फ उसका कि की तरह ही था और वह आया भी इसी वजह से ही ठाकुर द्वारे में वरना शायद ही गुरुद्वारे में आता और आता भी तो किसी भी समय आकर मत्था टेक कर चला जाता है ऐसे नियम से सुबह या शाम दोनो टाइम शायद ही आता क्योंकि वह तो कभी मंदिर तक नहीं गया मम्मी कितना कहती रहती हमेशा मंगलवार का व्रत रख लो मंगलवार को मंदिर चले जाया करो लेकिन कभी भी नहीं गया और आज यहां पर अचानक से उसके मन में श्रद्धा पैदा हो गई शायद उस लड़की को देखकर ही मन में श्रद्धा जागृत हुई और जब मन में श्रद्धा जागृत हो जाती है तो सब कुछ बहुत अच्छा लगने लगता है सब कुछ एकदम सच्चा लगने लगता है एक मन में लगन पैदा हो जाती है एक भाव पैदा हो जाता है एक तरीके से मन जागृत हो जाता है जो मन सोया पड़ा होता है वह जागृत अवस्था में आ जाता है उसके साथ भी ऐसा ही तो कुछ हुआ आरती होने के बाद में प्रसाद बांटा गया और प्रसाद लेकर मत्था टेककर हूं बाहर आ गया कि अभी तक बिल्कुल खामोश थी उसके साथ में एक दो लड़कियों और भी थे लेकिन वह किसी से बोल नहीं रही थी वह शांति कम शान है उसके चेहरे को देखकर ही ऐसा लग रहा था एक शांति वाला एक बहुत अच्छा सा भाव मन में पैदा हो रहा था जिसका मन किया कि एक बार तो उससे बात ही कर ले किसी भी तरह से उस दिन क्या किया अपना रुमाल नीचे गिरा दिया और फिर उठाकर उठाने लगा तो पास में उसके साथ भी एक और लड़की थी वह काफी छोटी थी वह पूछते नहीं भैया क्यों क्या कुछ नहीं मेरा रुमाल गिर गया था ना, उससे मैंने प्रसाद रखा हुआ था तो वह बिखर गया तो उसको मैं उठा रहा था मोहित ने कहा

 ठीक है भैया कोई बात नहीं आप हो तो मैं आपकी हेल्प करूं

 इसकी कोई जरूरत नहीं है मैं उठा लूंगा और आपका नाम क्या है आप रोजाना यहां पर गुरुद्वारे में रहते हो क्या यहीं पर रहते हो मोहित ने एक साथ उससे कई सवाल पूछता डाले

 हां मैं तो दोनों टाइम ही आती हूं ही पास में मेरा स्कूल है पर ही पास में मेरा घर है स्कूल जाती हूं तो भी इधर ही रास्ते से जाती हूं घर जाती हूं तू भी घर ही रास्ते से और गुरुद्वारे आती हो तो भी इसी रास्ते से मेरा तो एक ही रास्ता हर समय का चलने फिरने का है

 अरे वाह यह तो बहुत अच्छी बात है आप किस क्लास में पढ़ते हो

 मैं अभी नाइथ क्लास में हूं

 इसका मतलब अभी आप छोटी हो

 नहीं भाई मैं पूरे 16 साल की हो गई हूं यह मेरी फ्रेंड है ना यह जरूर अभी 16 की पूरी नहीं हुई है उसका बर्थडे आने वाला है और यह टेंथ समें भी पड़ती है

 कितना बोलती है ही लड़की बिना पूछे ही सारी बातों के जवाब आपसे मिल गए थे एक इतना बोल रही है और एक एकदम से शांत दो सहेलियां एक चुप एक बोलने वाले बड़े अच्छा-अच्छा भी रहता है अगर एक चुप रहे और एक बोलता है कोई अच्छा भी रहता है तरीके से मन मिले रहते हैं अगर तू नहीं बोलने वाले होते तो लड़ाई होती रहती है और दोनों ही चुप रहते हैं तो कुछ होता ही नहीं है दोस्ती होती है ना कुछ होता है

 बहुत प्यारी हो तुम दोनों

 मैं प्यारी नहीं हूं प्यारी तो यह है इसे सब लोग प्यारी बोलती है और है अभी तो कितनी सुंदर दूध की तरह तो इसका रंग है देखो इसकी हॉट भी कितने गुलाबी है इसकी आंखें भी कितनी बड़ी है काली-काली सारे गांव के लोग इसको खूबसूरत बोलते हैं और मुझे बदसूरत वह लड़की हो बनाते हुए बोली,

 हां यह तो सुंदर है ही लेकिन तुम उससे भी ज्यादा सुंदर हो गए कहते हैं सुंदरता तो मन की होती है चेहरे की थोड़ी ना चेहरे का कलर तो ढल जाएगा शरीर का रंग तो काला पड़ जाएगा लेकिन मन तो हमेशा साथ रहता है अच्छा रहता और जिसका मन अच्छा रहता है वह सबसे अच्छा और सबसे सुंदर

 तो इसका मतलब है मैं खुद को आज से सुंदर मान लूं है ना भाई

 हां बिल्कुल अगर कोई कुछ कहे तो कहना मैं तो सबसे सुंदर हूं क्योंकि हम जैसा अपने बारे में सोचते हैं हम बिल्कुल वैसे ही होते हैं अगर हम सोचेंगे हम बहुत सुंदर है इसलिए प्रेम खूबसूरत है हम ऐसे ही हो जाएंगे आशु इतनी दूर से ही उसे देख लिया हुआ था बात करते हुए तू पास आता हुआ मोहित  से बोला 

 अरे मोहित तू कहां है मैं तुझे इतनी देर से ढूंढ रहा हूं इधर उधर आश्विक ने उसके पास आते हुए कहा

 मैं तो इधर ही था यॉर आशिक तू ही पता नहीं जाने किधर गया है मोहित ने उससे कहा

 मोहित यार तू सच कह रहा है मैं सच में ही कहीं खो गया हो अब ऐसा करते हैं कल सुबह निकल लेते हैं यहां से

 क्यों तुझे तो अभी एक हफ्ते हो रुकना है ना यहाँ?

 मोहित ँने कहा और बंदर के पास जाकर उसे जेब से बिस्किट का पैकेट निकाल कर खिलाने लगा,

उस गुरूद्वारे में एक लंगूर बंदर पाला हुआ था उसके लिए पेड़ पर लकड़ी का छोटा सा घर बना 


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