जब हम तो के सागर में गोते लगा रहे होते हैं और हम बेतहाशा आंसू बहा रहे होते हैं उसमें हमारा मन चाहता है कि कोई हमारे सर पर हाथ से राय कंधे थपथपाई पीठ सहला आए और अपने गले से लगा कर कहीं मत रो मत रो मैं हूं ना तुम्हारे साथ लेकिन तब हमारे आस पास ऐसा कोई नहीं होता जो हमें समझा सके हमें बहला सके हमारे दुख को दूर कर सके और यह दुख हमें होते क्यों है इसलिए होते हैं कि हम जिस पर बहुत विश्वास करते हैं बेतहाशा विश्वास करते हैं और वह हमारे विश्वास को तोड़ देता है हम फिर उस पर विश्वास करने लगते हैं पुरानी बातों को भूल कर फिर वह हमारा विश्वास तोड़ देता है और बार-बार वह हमारा विश्वास तोड़ता है हम अपने विश्वास की टूटने पर दुखी होते हैं किसी अपने के द्वारा विश्वास तोड़ने पर दुखी होते ना जाने वह कैसे सोचता होगा ना जाने उसके मन में क्या होता होगा ना जाने वह ऐसे क्यों करता होगा जो हमारा अपना है वह हमें क्यों चूर-चूर कर बिखेर देना चाहता है क्यों हमारे दुख को बढ़ा देना चाहता है क्यों हमें इतना कष्ट देना चाहता है मुझे नहीं पता नहीं पता नहीं पता हम तो सिर्फ आंसू बहाते हैं और अपने दर्द में डूब जाते हैं...
प्रेम
जहाँ प्रेम है वहाँ सुख है ख़ुशी है जहाँ सुख है ख़ुशी है वहाँ है प्रेम प्रेम क्षणभंगूर नहीं अनंत काल की यात्रा है एक जीवन में कहाँ पूरा होता है प्रेम न जाने कैसे कर लेते हैं लोग छोटे से जीवन में किसी से घृणा प्रेम नफ़रत और जरा देर में बदल लेते हैं अपनी भावनाओं को वो कब समझेंगे क्या होता है प्रेम न कहने से न सुनने से अहसासों की भाषा है यह आत्मा से आत्मा का मिलना है प्रेम फूल इंद्रधनुष बारिश ओस देख मुस्कुरा देता है मन भोला भोला मासूमियत से भरा होता है प्रेम प्रेम करते हैं सभी जीवन में एक बार जरूर जो निभा ले सच्चे मन से वहां ईश्वर बन जाता है प्रेम!! सीमा असीम
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