उदासी या मुस्कान

 उदासी भी एक भाव है मन का 

जो आ जाता है 

कभी कभी और 

झलकने लगती है चेहरे पर उदासी 

लेकिन ज़ब यह आती है तब 

साथ में लाती है 

दुःख निराशा दर्द 

आँसू बेचैनी और आलस 

नहीं अच्छी लगती है मुझे जरा भी 

यह उदासी.... 

झीक जाती हूँ खुद से ही 

डाँटती हूँ खुद को 

देकर तकलीफ और 

हर हाल में 

दूर करना चाहती हूँ 

छुटकारा पाने का हर संभव प्रयास करती हूँ  फिर 

झटक के फेंक कर 

इस उदासी को 

सजा लेती हूँ एक प्यारी सी 

सच्ची मुस्कान 

चेहरे पर और 

आवरण सा लपेट लेती हूँ 

अपनी पवित्र आत्मा पर 

देख कर इन फूलों को

इन  रंगों को 

इनकी महकती हुई 

खुश्बू से 

अपने मन को ख़ुश करते हुए... 

 सीमा असीम

Comments

Popular posts from this blog

मुस्कुराना

याद